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#✍️ साहित्य एवं शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️ #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - प्रेम को होना चाहिए किसी पेड़ की डाली के पत्ते जैसा उगना , पकना, और सहज ही झर जाना| पर, प्रेम आता है बसंत की मानिंद पकता है महुए-सा और चला जाता है किसी बवंडर की तरह सब तहसन्नहस करके। निधि अग्रवाल PAGE प्रेम को होना चाहिए किसी पेड़ की डाली के पत्ते जैसा उगना , पकना, और सहज ही झर जाना| पर, प्रेम आता है बसंत की मानिंद पकता है महुए-सा और चला जाता है किसी बवंडर की तरह सब तहसन्नहस करके। निधि अग्रवाल PAGE - ShareChat