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#ધર્મ અને અધ્યાત્મ #...જય‌ શ્રી રામ...
ધર્મ અને અધ્યાત્મ - !! ओम नमो नारायणाय ! ! भायँ চুঁ कुभायँ अनख आलस नाम जपत मंगल दिसि दसहूँ सो नाम राम गुन सुमिरि गाथा, करउँ नाइ रघुनाथहि माथा प्रेमनभाव से, बैर-भाव से,॰ क्रोधनभाव से या आलस्यनभाव से॰ किसी भी प्रकार से नाम जप दसों दिशाओं में मंगलकारी है॰ इसी मंगलकारी श्रीरघुनाथ जी के चरण कमलों पर शीश  नाम का स्मरण करके राम झुकाकर मैं श्रीराम जी के गुणों की व्याख्या करता हूँ मानस बालकांड २७ !! ओम नमो नारायणाय ! ! भायँ চুঁ कुभायँ अनख आलस नाम जपत मंगल दिसि दसहूँ सो नाम राम गुन सुमिरि गाथा, करउँ नाइ रघुनाथहि माथा प्रेमनभाव से, बैर-भाव से,॰ क्रोधनभाव से या आलस्यनभाव से॰ किसी भी प्रकार से नाम जप दसों दिशाओं में मंगलकारी है॰ इसी मंगलकारी श्रीरघुनाथ जी के चरण कमलों पर शीश  नाम का स्मरण करके राम झुकाकर मैं श्रीराम जी के गुणों की व्याख्या करता हूँ मानस बालकांड २७ - ShareChat