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#☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈
☝अनमोल ज्ञान - राधे राधे ।।आज का भगवद् चिंतनIl १६  फरवरी २०२६ Il सुख का आधार || हमारी सोच पर ही हमारा सुख निर्भर करता है। परिस्थिति से अधिक मनस्थिति हमारे जीवन में सुखनदुःख का निर्धारण करती है। जिन्दगी अपितु से हमारी शिकायतों का कारण अभाव नहीं हमारा स्वभाव होता है। हम केवल खोने का दुःख मनाना तो जानते हैं, लेकिन पाने की नहीं| खुशी लिए काम करोगे तो #46 چ खुशी खुशी आवश्यक नहीं , लेकिन खुश होकर काम करोगे तो अवश्य मिलेगी यह निश्चित है। खुशी सुख-दुःख रूपी दो नदियों के संगम का नाम ही तो जीवन है। जिन्दगी से शिकायत करने की अपेक्षा जो प्राप्त है, उसका आनंद लेना सीखो, यही जीवन की वास्तविक उपलब्धि है। शांति एवं आनंद उसी के जीवन में होता है, जिसकी दृष्टि क्या खो दिया की अपेक्षा क्या पाया, इस बात पर होती है। सदा भीतर से प्रसन्न रहें क्योंकि मन की प्रसन्नता तन के दुःखों को कम कर देती है। यही हमारे "सुख का आधार" है। श्री राधे कृष्ण 4 18:02 राधे राधे ।।आज का भगवद् चिंतनIl १६  फरवरी २०२६ Il सुख का आधार || हमारी सोच पर ही हमारा सुख निर्भर करता है। परिस्थिति से अधिक मनस्थिति हमारे जीवन में सुखनदुःख का निर्धारण करती है। जिन्दगी अपितु से हमारी शिकायतों का कारण अभाव नहीं हमारा स्वभाव होता है। हम केवल खोने का दुःख मनाना तो जानते हैं, लेकिन पाने की नहीं| खुशी लिए काम करोगे तो #46 چ खुशी खुशी आवश्यक नहीं , लेकिन खुश होकर काम करोगे तो अवश्य मिलेगी यह निश्चित है। खुशी सुख-दुःख रूपी दो नदियों के संगम का नाम ही तो जीवन है। जिन्दगी से शिकायत करने की अपेक्षा जो प्राप्त है, उसका आनंद लेना सीखो, यही जीवन की वास्तविक उपलब्धि है। शांति एवं आनंद उसी के जीवन में होता है, जिसकी दृष्टि क्या खो दिया की अपेक्षा क्या पाया, इस बात पर होती है। सदा भीतर से प्रसन्न रहें क्योंकि मन की प्रसन्नता तन के दुःखों को कम कर देती है। यही हमारे "सुख का आधार" है। श्री राधे कृष्ण 4 18:02 - ShareChat