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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - और संतुष्टि खुशी तब मिलती है जब खुशी हमारी कोई इच्छा (Desire ) पूरी होती है। चूंकि इच्छाएं अनंत हैं, के बाद इसलिए एक खुशी तुरंत दूसरी इच्छा जन्म ले लेती है। संतुष्टि तब मिलती है जब हम स्वीकार भाव "जो है, जितना है, पर्याप्त है" को अपना लेते हैं। यह हमें भागदौड़ से मुक्त उस करती है जहाँ हम और अधिक पाने की होड़ में खुद को खो देते हैं और संतुष्टि खुशी तब मिलती है जब खुशी हमारी कोई इच्छा (Desire ) पूरी होती है। चूंकि इच्छाएं अनंत हैं, के बाद इसलिए एक खुशी तुरंत दूसरी इच्छा जन्म ले लेती है। संतुष्टि तब मिलती है जब हम स्वीकार भाव "जो है, जितना है, पर्याप्त है" को अपना लेते हैं। यह हमें भागदौड़ से मुक्त उस करती है जहाँ हम और अधिक पाने की होड़ में खुद को खो देते हैं - ShareChat