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हरि आये हरियाणे नू आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज का जन्म धनखड़ जाट परिवार में वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717 ई. (विक्रमी संवत 1774) में ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में हुआ था। जब आदरणीय गरीबदास जी 10 वर्ष की आयु के थे, तब कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में जांडी के पेड़ के नीचे प्रातः 10 बजे परमेश्वर कबीर साहिब जी सतलोक से आकर मिले। #हरि_आये_हरियाणे_नूं #haryana #SantGaribdasJi #hinduism #sanatandharma#हरि_आये_हरियाणे_नूं #haryana #SantGaribdasJi #hinduism #sanatandharma 👉 अधिक जानकारी के लिए "Sant Rampal Ji Maharaj" Youtube Channel पर Visit करें। सुनिए जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन :- ➜ साधना TV 📺 पर शाम 7:30 से 8:30 ➜ श्रद्धा Tv 📺 दोपहर - 2:00 से 3:00 #kabirisgod
kabirisgod - हारयाणतूँ 3111 हरियाणा प्रांत के गांव छुड़ानी , जिला झज्जर में सन् १७१७ में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के रूप में सतलोक से आकर विक्रमी মঁবন 1784, মন 1727 মী मास की सुदी फाल्गुन द्वादशी को मिले थे। इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा हैः ٤(?3 सर्व कला सतगुरु साहेब की , हारयाणतूँ 3111 हरियाणा प्रांत के गांव छुड़ानी , जिला झज्जर में सन् १७१७ में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के रूप में सतलोक से आकर विक्रमी মঁবন 1784, মন 1727 মী मास की सुदी फाल्गुन द्वादशी को मिले थे। इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा हैः ٤(?3 सर्व कला सतगुरु साहेब की , - ShareChat