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#☪️एतिकाफ📚 #🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 इबादत #🤲अल्लाह हु अक़बर
☪️एतिकाफ📚 - Fatlma Noor Sayyad     23932222 रमजान के तीसरे अशरे की अहमियत दिन) (आख़िरी १० "रमजान का आख़िरी अशरा (तीसरा अशरा) बहुत ही मुबारक और रहमतों से भरा होता है। इस अशरे को जहन्नम से आज़ादी का अशरा कहा जाता है। इस अशरे में हमें क्या करना चाहिएः पाँच वक्त की नमाज़ के साथ ज्यादा से ज्यादा नफ़्ल नमाज़ पढ़़ें। कुरआन शरीफ की तिलावत करें।  ज़िक़्न और इस्तग़फ़ार (अल्लाह से माफी माँगना ) करते रहें।  गरीबों और जरूरतमंदों को सदका और ज़कात दें।  मुमकिन हो तो एतिकाफ करें। अगर इन आख़िरी १० दिनों में शब-ए क़द्र की रात भी आती है,जो हज़ार महीनों से बेहतर बताई गई है। इस रात की खास दुआः ُبِحُت ُوْفَع َكَّنِإ َمُهّللَا டடட்ட _ ೆಗೆ *(ऐ अल्लाह! तू माफ़ करने वाला है और माफ़ करना पसंद करता है, इसलिए मुझे माफ़ कर दे।)" के इस मुवारक अशरे की अल्लाह हम सबको रमजान बरकतें हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। Fatlma Noor Sayyad     23932222 रमजान के तीसरे अशरे की अहमियत दिन) (आख़िरी १० "रमजान का आख़िरी अशरा (तीसरा अशरा) बहुत ही मुबारक और रहमतों से भरा होता है। इस अशरे को जहन्नम से आज़ादी का अशरा कहा जाता है। इस अशरे में हमें क्या करना चाहिएः पाँच वक्त की नमाज़ के साथ ज्यादा से ज्यादा नफ़्ल नमाज़ पढ़़ें। कुरआन शरीफ की तिलावत करें।  ज़िक़्न और इस्तग़फ़ार (अल्लाह से माफी माँगना ) करते रहें।  गरीबों और जरूरतमंदों को सदका और ज़कात दें।  मुमकिन हो तो एतिकाफ करें। अगर इन आख़िरी १० दिनों में शब-ए क़द्र की रात भी आती है,जो हज़ार महीनों से बेहतर बताई गई है। इस रात की खास दुआः ُبِحُت ُوْفَع َكَّنِإ َمُهّللَا டடட்ட _ ೆಗೆ *(ऐ अल्लाह! तू माफ़ करने वाला है और माफ़ करना पसंद करता है, इसलिए मुझे माफ़ कर दे।)" के इस मुवारक अशरे की अल्लाह हम सबको रमजान बरकतें हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। - ShareChat