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#✍मराठी साहित्य #💭माझे विचार
✍मराठी साहित्य - जो भी रूका फिर गया वो भंवर मे नाव तो क्या बह जाये किनारा बडी ही तेज समय की है धारा तुझ को चलना होगा जो भी रूका फिर गया वो भंवर मे नाव तो क्या बह जाये किनारा बडी ही तेज समय की है धारा तुझ को चलना होगा - ShareChat