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मैं आँखों से मन की बातें करता हूँ, किसी दर्द से जब मुल्कातें करता हूँ। लोग रात में सपनें देखा करतें हैं, मैं सच से ही दिन को रातें करता हूँ॥ #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - में आंखों से मन की बातें करता हेँ, किसों भी हुस से जब मुलकेातें करता हेँ। लोम रात तें सपते ढेखा करतें हें, में सब ले ही दिन.को रातें करता हूं ।l में आंखों से मन की बातें करता हेँ, किसों भी हुस से जब मुलकेातें करता हेँ। लोम रात तें सपते ढेखा करतें हें, में सब ले ही दिन.को रातें करता हूं ।l - ShareChat