चुपके चुपके हमें ताकते रह गए
बस वो दरारों से झांकते रह गए
खरीद लिया दोस्तों ने मुस्कुराहट से
दुश्मन हमारी कीमत आंकते रह गए
कुछ लोगों ने छू लिया आसमां भी
कुछ जमीं पर धूल फांकते रह गए
कर्मों से बदलती हैं भाग्य की रेखाएं
किस्मत के पीछे वो भागते रह गए . #💓 मोहब्बत दिल से

