ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️जीवन के सीख
❤️जीवन के सीख - के तीन प्रमुख नियम प्रकृति जो हर इंसान को जानने चाहिए प्रकृति का पहला नियम यदि खेत में बीज न डालें जाएं तो 1-: कुदरत उसे घास-्फूस से 'भर देती हैं... ! ! ठीक उसी तरह से दिमाग में सकारात्मक विचार न भरे जाएँ तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना ही लेते हैं... ! ! प्रकृति का दूसरा नियम जिसके पास जो होता है...! ! वह वही 2-: सुख बांटता है... दुःखी दुःख बांटता है.. ज्ञानी बांटता है....!! सुखी  ज्ञान बांटता है.. भ्रमित भ्रम बांटता है. भयभीत भय बांटता हैं...... ! ! आपको जीवन से जो कुछ भी मिलें उसे प्रकृति का तीसरा नियम 3-: पचाना सीखो क्योंकि भोजन न पचने पर रोग बढ़ते हैं... ! पैसा न पचने चुगली बढ़ती है...  पर दिखावा बढ़ता है... ! बात न पचने पर সংাসা न पचने पर अंहकार बढ़ता है.... ! निंदा न पचने पर बढ़ती दुश्मनी  है... ! राज़ न पचने पर खतरा बढ़ता है... ! दुःख न पचने पर निराशा बढ़ती है... ! और सुख न पचने पर पाप बढ़ता है... ! ऐसी जानकारी और कुछ नया सीखने के लिए हमें फॉलो करें. ... ! के तीन प्रमुख नियम प्रकृति जो हर इंसान को जानने चाहिए प्रकृति का पहला नियम यदि खेत में बीज न डालें जाएं तो 1-: कुदरत उसे घास-्फूस से 'भर देती हैं... ! ! ठीक उसी तरह से दिमाग में सकारात्मक विचार न भरे जाएँ तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना ही लेते हैं... ! ! प्रकृति का दूसरा नियम जिसके पास जो होता है...! ! वह वही 2-: सुख बांटता है... दुःखी दुःख बांटता है.. ज्ञानी बांटता है....!! सुखी  ज्ञान बांटता है.. भ्रमित भ्रम बांटता है. भयभीत भय बांटता हैं...... ! ! आपको जीवन से जो कुछ भी मिलें उसे प्रकृति का तीसरा नियम 3-: पचाना सीखो क्योंकि भोजन न पचने पर रोग बढ़ते हैं... ! पैसा न पचने चुगली बढ़ती है...  पर दिखावा बढ़ता है... ! बात न पचने पर সংাসা न पचने पर अंहकार बढ़ता है.... ! निंदा न पचने पर बढ़ती दुश्मनी  है... ! राज़ न पचने पर खतरा बढ़ता है... ! दुःख न पचने पर निराशा बढ़ती है... ! और सुख न पचने पर पाप बढ़ता है... ! ऐसी जानकारी और कुछ नया सीखने के लिए हमें फॉलो करें. ... ! - ShareChat