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#✍️ अनसुनी शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - < ख़्वाहिशें तो आज भी बग़ावत 8, चाहती करना 1 (ು  मग़र सीख लिया है हमने हर बात को दिल में दफ़न करना < ख़्वाहिशें तो आज भी बग़ावत 8, चाहती करना 1 (ು  मग़र सीख लिया है हमने हर बात को दिल में दफ़न करना - ShareChat