ShareChat
click to see wallet page
search
#GodNightThursday #MakaraSankranti26 . परमात्मा का सुमिरन हृदय में धारण करें रे मन राम नाम संभारि। माया कै भ्रम कहा भूल्यौ, जाहिगे कर झारि ॥ देखि धौं इहां कौण तेरो, सगा सुत नहिं सार। तोरि तंग सब दूरि करिहै, दैहिंगे तन जारि।। प्रान गये कहो कौण तेरा, देखि सोच बिचारि। बहुरि येहि कलि काल माहि, जीति भावै हारि॥ यह माया सब थोथरी रे, भगति को प्रतिपारि। कहै रविदास सतबचन गुरु कै, सौ न जीअ तै बिसारी॥ इस बाणी मे भगत रविदास जी महाराज अपने हिर्दय मे परमात्मा का नाम सिमरण करने का पावन उपदेश देते हुए कहते है कि जीवो को परमात्मा से मिलाने वाले, गुरु के अमृतमयी वचनो को अपने हिर्दय मे धारण कर, प्रभु की सच्ची भगति कर, संसार की झुठी माया से मुक्त होकर जीवन सफल बनाना चाहिए। हे भाई ! अपने मन मे प्रभु के नाम की संभल कर अर्थात प्रभु को याद कर यदि तू प्रभु का नाम नही लेगा तो माया के भ्रम मे फसकर, अंत समय मे, तुझे इस संसार से, खाली हाथ ही जाना पडेगा । तू देख तो सही तेरा इस संसार मे कौन अपना है ? यहां तक की तेरा पुत्र एवं स्त्री भी अंत समय मे सहायी नही होगे । तेरे सभी संगी साथी, तेरी मृतयु के समय, तुझसे संबंध विचछेद कर लेगे तथा तेरे शरीर को अग्नि भेट कर देगे । हे भाई ! तू अपने भीतर इस बात की सोच विचार करके देख कि जिस समय तू अपना प्राण त्याग देगा, उस समय तेरे साथ कौन जाएगा ? अर्थात उस समय परभु के नाम के बिना तेरे साथ कोइ नही जाएगा। इस कलयुग मे जीवन सफल करने के लिए तुझे अनेक प्रकार से समझा दिया है, अब तू प्रभु का नाम जपकर इस संसार का खेल जीतो या प्रभु के नाम को भूलाकर इसे हारो, अब यह सब तुमहारे हाथ मे है। ।हे भाई ! प्रभु के नाम के सामने इस संसार की माया झुठी है । इसलिए हे भाई ! तू प्रभु की प्रेम भगति को अपने हिर्दय मे बसा ले । गुरु रविदास जी महाराज जी फरमाते है कि हे जीव ! प्रभु से मिलाने वाले गुरु के वचनो को अपने भीतर से मत भूला बलकि उन पर चलकर अपना जीवन सफल कर । జ్ఞాన గంగా #sant ram pal ji maharaj #me follow
sant ram pal ji maharaj - भन चँगा கசவிஃீரீப்பப भन चँगा கசவிஃீரீப்பப - ShareChat