ShareChat
click to see wallet page
search
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - @@ बेटी पराया धन है बेटी ना तो पराई होती है और ना ही पराया धन, क्योँकि धन तो खर्च हौ जाता है; बेटी वह मोती है जौ दो परिवारों को एक माला मेँ पिरो कर रखती है॰॰००४!  @@ बेटी पराया धन है बेटी ना तो पराई होती है और ना ही पराया धन, क्योँकि धन तो खर्च हौ जाता है; बेटी वह मोती है जौ दो परिवारों को एक माला मेँ पिरो कर रखती है॰॰००४! - ShareChat