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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲 अल्लाह हू अकबर 🤲 #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #इबादत
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - मेरा काबा के क़ाबिल तो कहां मेरी नज़र है। दीदार ये तेरी ईनायत है, जो रूख़ तेरा इधर है Il ता हश्र तेरे दर से मेरा सर ना उठेगा। ये सर, सरे ज़ाहिद नहीं, सौदाई का सर है Il जिस दर से मिला करती है बन्दों को ख़ुदाई वो ख़्वाजा ए ्अजमेर, शहे हिन्द का दर है।l क्या पास है मेरे। तसद्दुक़ करूं तुझपे क्या तेरे क़दमों पे, मोहताज का सर है ।l ক্তননি "ख़ादिम" मुझे क्यूं नाज़, ना हो बख़्ते रसा पर जो हासिले कौनेन है वो मद्दे नज़र है Il ता हश्र इसी दर पे किए जाऊँंगा सजदे। " ख़ादिम " मेरा काबा मेरे महबूब का घर है Il मेरा काबा के क़ाबिल तो कहां मेरी नज़र है। दीदार ये तेरी ईनायत है, जो रूख़ तेरा इधर है Il ता हश्र तेरे दर से मेरा सर ना उठेगा। ये सर, सरे ज़ाहिद नहीं, सौदाई का सर है Il जिस दर से मिला करती है बन्दों को ख़ुदाई वो ख़्वाजा ए ्अजमेर, शहे हिन्द का दर है।l क्या पास है मेरे। तसद्दुक़ करूं तुझपे क्या तेरे क़दमों पे, मोहताज का सर है ।l ক্তননি "ख़ादिम" मुझे क्यूं नाज़, ना हो बख़्ते रसा पर जो हासिले कौनेन है वो मद्दे नज़र है Il ता हश्र इसी दर पे किए जाऊँंगा सजदे। " ख़ादिम " मेरा काबा मेरे महबूब का घर है Il - ShareChat