“मीनः स्नानरतः फणी पवनभुक्त मेषस्तु पर्णाश्नेनिराशी
खलु चातकः प्रतिदिनं शेते बिले मूषकः।🌴
भस्मोध्द्वलनतत्परो ननु खरो ध्यानाधिसरो बकः।
सर्वे किं न हि यान्ति मोक्षपदवी भक्तिप्रधानं तपः॥”🍂
🌼 अर्थात 🌼
मीन (मछली) नित्य जल में स्नान करती है, साँप वायु का भक्षण करता है; चातक तृषित रहता है, चूहा बिल में रहता है, गधा धूल में भस्मलेपन करता है; बगुला आँखें मूंदकर ध्यान करता है, परंतु इनमें से किसी को भी मोक्ष नहीं मिलता, क्योंकि तपस्या में भक्ति प्रधान है।💐
#मेरी_पसंद_VD 🎶🎵

