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#जय श्री राम #💫ध्यान के मंत्र🧘‍♂️
जय श्री राम - जयथरम सुखदाई பUIII गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंघु अनल सितलाई।I भावार्यः जो जीव प्रभु श्री राम को अपने हृदय में धारण है, उसके लिए विष अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन करता जाते हैं॰ समुद्र गाय के खुर के बराबर हो जाता है ओर अग्नि मे शीतलता आ जाती है।। जयथरम सुखदाई பUIII गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंघु अनल सितलाई।I भावार्यः जो जीव प्रभु श्री राम को अपने हृदय में धारण है, उसके लिए विष अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन करता जाते हैं॰ समुद्र गाय के खुर के बराबर हो जाता है ओर अग्नि मे शीतलता आ जाती है।। - ShareChat