ShareChat
click to see wallet page
search
#हसर दुःख #💔प्रेम की यातना #💔अधूर प्रेम
हसर दुःख - भी मुझे मिलने आओ, जब घडी को कलाई से उतार कर आना, ज़िम्मेदारियों का बोझ दरवाज़े की चौखट पर ही छोड़ आना। मेरे पास आओ तो सिर्फ मेरे होकर आना, जो किसी और की अमानत हो, उसे कहीं और रख कर आना। इन लम्हों में कोई रिश्ता , कोई नाम , कोई फ़र्ज़ न हो, बस मैं और तुम, और हमारा ख़ामोश सा सच। क्योंकि जैसे पूरी उम्र मैं तुम्हारी होकर भी নিনা ٢٤٨ নদ্কাই वैसे ही जब आओ सिर्फ मेरे बनकर आना। भी मुझे मिलने आओ, जब घडी को कलाई से उतार कर आना, ज़िम्मेदारियों का बोझ दरवाज़े की चौखट पर ही छोड़ आना। मेरे पास आओ तो सिर्फ मेरे होकर आना, जो किसी और की अमानत हो, उसे कहीं और रख कर आना। इन लम्हों में कोई रिश्ता , कोई नाम , कोई फ़र्ज़ न हो, बस मैं और तुम, और हमारा ख़ामोश सा सच। क्योंकि जैसे पूरी उम्र मैं तुम्हारी होकर भी নিনা ٢٤٨ নদ্কাই वैसे ही जब आओ सिर्फ मेरे बनकर आना। - ShareChat