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#☝ मेरे विचार #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈
☝ मेरे विचार - ( संगत का ध्यान रखें "सूई" जब अकेली चलती है, तो उसका "कर्म" सिर्फ "चुभना" होता है, लेकिन, जैसे ही उसे "धागे" का साथ उसका "कर्म" फटे हुए को मिलता है, जोड़ना हो जाता है, ये होता है "संगत" का असर, "स्वभाव" तो नहीं बदलता , पर "कर्म" जरूर बदल जाते हैं। इसलिए अपनी संगत का ध्यान रखिये संगत अर्श से फर्श पर भी ला देती है और फर्श से अर्श पर भी ले जा सकती है। Sachin ( संगत का ध्यान रखें "सूई" जब अकेली चलती है, तो उसका "कर्म" सिर्फ "चुभना" होता है, लेकिन, जैसे ही उसे "धागे" का साथ उसका "कर्म" फटे हुए को मिलता है, जोड़ना हो जाता है, ये होता है "संगत" का असर, "स्वभाव" तो नहीं बदलता , पर "कर्म" जरूर बदल जाते हैं। इसलिए अपनी संगत का ध्यान रखिये संगत अर्श से फर्श पर भी ला देती है और फर्श से अर्श पर भी ले जा सकती है। Sachin - ShareChat