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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - *जब सब तेरी मरजी से होता हे तो. ऐ खुदा, ये बन्दा गुनाहगार कैसे हाो गया.!* *जब सब तेरी मरजी से होता हे तो. ऐ खुदा, ये बन्दा गुनाहगार कैसे हाो गया.!* - ShareChat