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#सत_भक्ति_संदेश सत का सौदा जो करें, दम्भ छल छिद्र त्यागै। अपने भाग का धन लहै, परधन विष सम लागे।। अपने जीवन में परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिए, जो अपने भाग्य में धन लिखा है, उसी में संतोष करना चाहिए। परधन को विष के समान समझें। #आध्यात्मिक ज्ञान
आध्यात्मिक ज्ञान - {@ CCIB की दया सत का सौदा जो करें, दम्भ छल छिद्र त्यागै | अपने भाग का धन लहै, परधन विष सम लागे ।। अपने जीवन मैं परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिए, जो अपने भाग्य मैं धन लिखा है, उसी में संतोष करना चाहिए। परधन को विष के समान समझें। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जगतगरू SAT KABIR SUPREMEGOD.ORG SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR KI DAYA {@ CCIB की दया सत का सौदा जो करें, दम्भ छल छिद्र त्यागै | अपने भाग का धन लहै, परधन विष सम लागे ।। अपने जीवन मैं परमात्मा से डरकर सत्य के आधार से सर्व कर्म करने चाहिए, जो अपने भाग्य मैं धन लिखा है, उसी में संतोष करना चाहिए। परधन को विष के समान समझें। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जगतगरू SAT KABIR SUPREMEGOD.ORG SAT_KABIR_KI_DAYA SATKABIR KI DAYA - ShareChat