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#❤️जीवन की सीख #कर्म ही पूजा है
❤️जीवन की सीख - कम कर्म... ज़िंदगी का वो सच है जिसे हम कभी टाल नहीं सकते। हम जो कर्म करते हैं, वही किसी न किसी रूप में लौटकर हमारे सामने आता है। अच्छा हो या बुरा, कर्म अपना रास्ता खुद ढूँढ ही लेता है रामायण में श्रीराम 4 द्वारा बाली का वध छिपकर किया गया था, शायद उनके जीवन की एकमात्र गलती। और जब द्वापर युग का अंत करीब आता है, तो श्रीकृष्ण को एक शिकारी का तीर अनजाने में आके लग जाता है। शिकारी मायूस हो जाता है, तब श्रीकृष्ण उसे ज्ञान देते हैं ~ कि तुम पिछले जन्म में महावीर बाली थे, और यह मेरे ही कर्मों का फल है। जब ईश्वर भी कर्म के नियम से बंधे हैं, तो हम फिर भी इंसान है? अक्सर हम सोचते हैं *किसी को पता नहीं चलेगा"   "थोड़ा सा गलत कर लिया तो क्या ही होगा?" पर कर्म चाहिए, न कोई गवाह। वो बस हिसाब को न कोई आँख रखता है। इसलिए कर्म सुधारो , क्योंकि मेरे हिसाब से कर्म ही भविष्य लिखता है। कम कर्म... ज़िंदगी का वो सच है जिसे हम कभी टाल नहीं सकते। हम जो कर्म करते हैं, वही किसी न किसी रूप में लौटकर हमारे सामने आता है। अच्छा हो या बुरा, कर्म अपना रास्ता खुद ढूँढ ही लेता है रामायण में श्रीराम 4 द्वारा बाली का वध छिपकर किया गया था, शायद उनके जीवन की एकमात्र गलती। और जब द्वापर युग का अंत करीब आता है, तो श्रीकृष्ण को एक शिकारी का तीर अनजाने में आके लग जाता है। शिकारी मायूस हो जाता है, तब श्रीकृष्ण उसे ज्ञान देते हैं ~ कि तुम पिछले जन्म में महावीर बाली थे, और यह मेरे ही कर्मों का फल है। जब ईश्वर भी कर्म के नियम से बंधे हैं, तो हम फिर भी इंसान है? अक्सर हम सोचते हैं *किसी को पता नहीं चलेगा"   "थोड़ा सा गलत कर लिया तो क्या ही होगा?" पर कर्म चाहिए, न कोई गवाह। वो बस हिसाब को न कोई आँख रखता है। इसलिए कर्म सुधारो , क्योंकि मेरे हिसाब से कर्म ही भविष्य लिखता है। - ShareChat