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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - मुकम्मल कहा 8$ जिँदगी किसी की, कुछ खोता ही रहा आदमी कुछ पाने के लिए..!!  खामोशियां.. मुकम्मल कहा 8$ जिँदगी किसी की, कुछ खोता ही रहा आदमी कुछ पाने के लिए..!!  खामोशियां.. - ShareChat