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#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - ज़िंदगी की खामोशी  कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो दिखते नहीं.. बस हर दिन चुपचाप अंदर बढ़ते जाते हैं | हम हँसते हैं ताकि कोई सवाल न पूछे, और अकेले रोते हैं ताकि कोई बोझ न बने ज़िंदगी कभी कभी इतना सिखा देती है कि शब्द कम पड़ जाते हैं और खामोशी आदत बन जाती है कुछ होते हुए भी Hq कुछ खाली सा लगता है शायद यही वो दौर है जहाँ इंसान खुद से ही लड़ रहा होता है ज़िंदगी की खामोशी  कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो दिखते नहीं.. बस हर दिन चुपचाप अंदर बढ़ते जाते हैं | हम हँसते हैं ताकि कोई सवाल न पूछे, और अकेले रोते हैं ताकि कोई बोझ न बने ज़िंदगी कभी कभी इतना सिखा देती है कि शब्द कम पड़ जाते हैं और खामोशी आदत बन जाती है कुछ होते हुए भी Hq कुछ खाली सा लगता है शायद यही वो दौर है जहाँ इंसान खुद से ही लड़ रहा होता है - ShareChat