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#❤️Love You Papa ❤️ #❤️ Love You Maa ❤️ #🏠घर-परिवार
❤️Love You Papa ❤️ - बचपन में जिन हाथों ने संभाला, उनके कांपते को थाम लीजिए, हाथों अब क्योंकि थकना अब उनका हक है, और थामना , अब हमारी जिम्मेदारी, बुढ़ापा दूसरा बचपन ही तो है, उन्हें उसी नाज़ से पालो , जैसे उन्होंने तुम्हें पाला था, सेवा कोई एहसान नहीं, यह वो कर्ज़ है जो कभी चुकाया नहीं जा सकता , बस निभाया जा सकता है, " बचपन में जिन हाथों ने संभाला, उनके कांपते को थाम लीजिए, हाथों अब क्योंकि थकना अब उनका हक है, और थामना , अब हमारी जिम्मेदारी, बुढ़ापा दूसरा बचपन ही तो है, उन्हें उसी नाज़ से पालो , जैसे उन्होंने तुम्हें पाला था, सेवा कोई एहसान नहीं, यह वो कर्ज़ है जो कभी चुकाया नहीं जा सकता , बस निभाया जा सकता है, " - ShareChat