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#इस्लाम की प्यारी बाते 🤲
इस्लाम - (36 ( हज़रत अली ने फ़रमाया ) धोखा फरेब और गुनाहों की सजा  इसी जमीन पर मिलेगी याद रखना अल्लाह कुछ भी नहीं भूलता। Shafak Naz (36 ( हज़रत अली ने फ़रमाया ) धोखा फरेब और गुनाहों की सजा  इसी जमीन पर मिलेगी याद रखना अल्लाह कुछ भी नहीं भूलता। Shafak Naz - ShareChat