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#jagatguru santrampal ji mahraj #kabirisrealgod
jagatguru santrampal ji mahraj - कबीर साहेब परमात्मा हैं gof' संत धर्मदास जी - आज मोहे दर्शन दियोजी कबीर | सत्यलोक से चलकर आये काटन जम की जंजीर ।। স্বুভম্লানক্কৃ  ীব ল हिन्दू के तुम देव कहाये थर्मदास की अर्ज गोसांई परले तीर ।। परा नगर में जोर | बाजा बाजा रहित का सतगुरु खसम कबीर है , नज़र ना आवे और ।l संत गरीबदासजी अनंत कोटि ब्रह्मण्ड का एक रति नही भार | सतगुरु पुरुष कबीर है . कुल के सृजनहार ।। सुल्तानी नानक तारे , दादू को उपदेश दिया हम काशी माहे कबीर हुआ ११ जात जुलाहा भेद ना पाया संत मलूकदास जी - जपो रे मन , सतगुरु नाम कबीर जपो रे मन , परमेश्वर नाम कबीर ।। से सतगुरु न्यारा अजरो अमर शरीर चारदाग दास मलूक सलुक कहत है , खोजो खसम कबीर संत रविदास जी - साहेब कबीर समर्थ हैं . आदी अंत सर्व काल ज्ञान गम्य सेदे दिया कहै रैदास दयाल ।। खालक आदम सिरजिया नानक देवजी - आलम बडा कबीर कुदरती सिर पीरां देपीर ।। काइम दाइम सजदे करे खुदाई नूं , आलम बड़ा कबीर करीम तू , बेएब हक्का कबीर परवर दीगार नानक नीच करें बिचार , ये धाणक रूप रहा करतार ।। जिन मोकू निज नाम दिया संत दादू दयाल जी - सोई सतगुरु हमार दादू दूसरा कोई नहीं कबीर सजनहार ।l कुप है , केते झरियान नीर | और संत सब दादू अगम अपार है . दरिया सत्य कबीर ।। तुम स्वमी मैं बाल बुद्धि . नरम कर्म किये नाश स्वामी रामानंद जी (कबीर जी के गुरु) कहै रामानंद विज ब्रह्मा तुम . हमरा दृढ़ विश्वास ।। संत नाभा दास जी - वाणी आरबों खरबों ग्रंथ कोटि हज़ार करता पुरुष कबीर है , रहै नाभा विचार ।। सिद्धा  नौ नाथ चौरासी गुरु गोरखनाथ जी - इनका अंधा ज्ञान | अविचल ज्ञान कबीर का , यों गति बिरला जान संत अनेक संसार में মন অাতীনন তী सतगरु सत्य कबीर | जगजीवन आप कहत हैं , निरती केतीर ।l కగే परमेश्वर कबीर साहेब हम ही अलख अल्लाह हैं , मैल्ही सृज्कहतारर रूप करतार अनंत कोटि ब्रम्हाण्ड का 1] लहूँ नहीं मेरे जाने सतनाम उपासी हाड़़ चाम সঁ ঢুঁকলীয অনিনংীী !1 तारन तरण अभय पद दाता अरबों तो ब्रह्मा गये ऊनंचास कोटि कन्हैया सात कोटि शम्भू गए . मेरी एक नही प्लैया कबीर साहेब परमात्मा हैं gof' संत धर्मदास जी - आज मोहे दर्शन दियोजी कबीर | सत्यलोक से चलकर आये काटन जम की जंजीर ।। স্বুভম্লানক্কৃ  ীব ল हिन्दू के तुम देव कहाये थर्मदास की अर्ज गोसांई परले तीर ।। परा नगर में जोर | बाजा बाजा रहित का सतगुरु खसम कबीर है , नज़र ना आवे और ।l संत गरीबदासजी अनंत कोटि ब्रह्मण्ड का एक रति नही भार | सतगुरु पुरुष कबीर है . कुल के सृजनहार ।। सुल्तानी नानक तारे , दादू को उपदेश दिया हम काशी माहे कबीर हुआ ११ जात जुलाहा भेद ना पाया संत मलूकदास जी - जपो रे मन , सतगुरु नाम कबीर जपो रे मन , परमेश्वर नाम कबीर ।। से सतगुरु न्यारा अजरो अमर शरीर चारदाग दास मलूक सलुक कहत है , खोजो खसम कबीर संत रविदास जी - साहेब कबीर समर्थ हैं . आदी अंत सर्व काल ज्ञान गम्य सेदे दिया कहै रैदास दयाल ।। खालक आदम सिरजिया नानक देवजी - आलम बडा कबीर कुदरती सिर पीरां देपीर ।। काइम दाइम सजदे करे खुदाई नूं , आलम बड़ा कबीर करीम तू , बेएब हक्का कबीर परवर दीगार नानक नीच करें बिचार , ये धाणक रूप रहा करतार ।। जिन मोकू निज नाम दिया संत दादू दयाल जी - सोई सतगुरु हमार दादू दूसरा कोई नहीं कबीर सजनहार ।l कुप है , केते झरियान नीर | और संत सब दादू अगम अपार है . दरिया सत्य कबीर ।। तुम स्वमी मैं बाल बुद्धि . नरम कर्म किये नाश स्वामी रामानंद जी (कबीर जी के गुरु) कहै रामानंद विज ब्रह्मा तुम . हमरा दृढ़ विश्वास ।। संत नाभा दास जी - वाणी आरबों खरबों ग्रंथ कोटि हज़ार करता पुरुष कबीर है , रहै नाभा विचार ।। सिद्धा  नौ नाथ चौरासी गुरु गोरखनाथ जी - इनका अंधा ज्ञान | अविचल ज्ञान कबीर का , यों गति बिरला जान संत अनेक संसार में মন অাতীনন তী सतगरु सत्य कबीर | जगजीवन आप कहत हैं , निरती केतीर ।l కగే परमेश्वर कबीर साहेब हम ही अलख अल्लाह हैं , मैल्ही सृज्कहतारर रूप करतार अनंत कोटि ब्रम्हाण्ड का 1] लहूँ नहीं मेरे जाने सतनाम उपासी हाड़़ चाम সঁ ঢুঁকলীয অনিনংীী !1 तारन तरण अभय पद दाता अरबों तो ब्रह्मा गये ऊनंचास कोटि कन्हैया सात कोटि शम्भू गए . मेरी एक नही प्लैया - ShareChat