ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - रामायण चौपाईः "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।"  सरल लेकिन गहरी व्याख्याः इस चौपाई का अर्थहै  जैसी हमारी सोच होती है, वैसी ही हमें दुनिया दिखाई देती है। रामायण में कई पात्रों ने श्रीराम को अलग अलग रूप में देखाः भक्त ने उन्हें भगवान माना शत्रु ने उन्हें सामान्य मनुष्य समझा ज्ञानी ने उन्हें धर्म का साक्षात् स्वरूप जाना जीवन से संबंधः अगर मन में क्रोध , ईर्ष्या या नकारात्मकता है॰ तो हर इंसान गलत लगेगा | शुद्ध है, तो कठिन परिस्थिति में भी 3iR 3TRTT ईश्वर की कृपा दिखाई देगी। समस्या बाहर नहीं, हमारी भावना के भीतर होती है। आत्मसंयम का असली अर्थहै। 46 रामायण चौपाईः "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।"  सरल लेकिन गहरी व्याख्याः इस चौपाई का अर्थहै  जैसी हमारी सोच होती है, वैसी ही हमें दुनिया दिखाई देती है। रामायण में कई पात्रों ने श्रीराम को अलग अलग रूप में देखाः भक्त ने उन्हें भगवान माना शत्रु ने उन्हें सामान्य मनुष्य समझा ज्ञानी ने उन्हें धर्म का साक्षात् स्वरूप जाना जीवन से संबंधः अगर मन में क्रोध , ईर्ष्या या नकारात्मकता है॰ तो हर इंसान गलत लगेगा | शुद्ध है, तो कठिन परिस्थिति में भी 3iR 3TRTT ईश्वर की कृपा दिखाई देगी। समस्या बाहर नहीं, हमारी भावना के भीतर होती है। आत्मसंयम का असली अर्थहै। 46 - ShareChat