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#नमस्ते
नमस्ते - १६०० में तुलसीदास जी ತೇೆ को अकबर ने गिरफ्तार कर काल कोठरी में रख ٤٢١٠ दिया ॰ तुलसीदास जी ने भगवान श्रीराम और हनुमानजी की आराधना की , वही " हनुमान aric' बन गई। दूसरे दिन लाखों बंदरों ने अकबर के किले पर आकमण कर दिया ॰ तुलसीदास जी से माफी अकबर ने मांगी और सम्मानित करके विदा किया। आज हनुमान चालीसा के पाठ से सभी के संकट दूर हो रहे हैं। इसलिए हनुमानजी को " संकट मोचन' भी कह्ा जाता है। १६०० में तुलसीदास जी ತೇೆ को अकबर ने गिरफ्तार कर काल कोठरी में रख ٤٢١٠ दिया ॰ तुलसीदास जी ने भगवान श्रीराम और हनुमानजी की आराधना की , वही " हनुमान aric' बन गई। दूसरे दिन लाखों बंदरों ने अकबर के किले पर आकमण कर दिया ॰ तुलसीदास जी से माफी अकबर ने मांगी और सम्मानित करके विदा किया। आज हनुमान चालीसा के पाठ से सभी के संकट दूर हो रहे हैं। इसलिए हनुमानजी को " संकट मोचन' भी कह्ा जाता है। - ShareChat