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#नीला आसमान 🌌
नीला आसमान 🌌 - लिए  रोटी के मेरे जिस्म, मेरे खून का आख़िरी कतरा तक, दिननबनदिन सूख रहा है, मेरे सूखे हुए निप्पल्स को मुंह मे दबाए मेरा भूखा बच्चा, अपने आंसुओं से मेरे स्तन को, सींचने की कोशिश कर रहा है, और साथ में असंवेदनशील, अन्यायी व्यवस्था से, रोटी की गुजारिश कर रहा है! आंखों में संवेदना, 35R गर देखो, अभी बची है तो एक बार फिर मेरे बच्चे को उसकी आँखों को उसके आँसुओं को, उसके सूखे होठों में दबे, मेरे सूखे निप्पल्स को! उसके जन्नत जैसी माँ के, दूधबिहीन सूखे स्तनों को देखो! और फिर अंत मे ग़रीबी की महामारी से, बेजान हुए एक ममतामयी माँ के, g हुए प्राणहीन जिस्म को! देख सको तो, एक बार फिर से देखो!! अरशिता ...!! # _ निवेदन...!! कृपया अभद्रतापूर्ण टिप्पणी न करें सिर्फ उतना ही बोलें जितना खुद की लिए सुन सकते हैं।। बहन बेटियों के धन्यवाद जय माता दी लिए  रोटी के मेरे जिस्म, मेरे खून का आख़िरी कतरा तक, दिननबनदिन सूख रहा है, मेरे सूखे हुए निप्पल्स को मुंह मे दबाए मेरा भूखा बच्चा, अपने आंसुओं से मेरे स्तन को, सींचने की कोशिश कर रहा है, और साथ में असंवेदनशील, अन्यायी व्यवस्था से, रोटी की गुजारिश कर रहा है! आंखों में संवेदना, 35R गर देखो, अभी बची है तो एक बार फिर मेरे बच्चे को उसकी आँखों को उसके आँसुओं को, उसके सूखे होठों में दबे, मेरे सूखे निप्पल्स को! उसके जन्नत जैसी माँ के, दूधबिहीन सूखे स्तनों को देखो! और फिर अंत मे ग़रीबी की महामारी से, बेजान हुए एक ममतामयी माँ के, g हुए प्राणहीन जिस्म को! देख सको तो, एक बार फिर से देखो!! अरशिता ...!! # _ निवेदन...!! कृपया अभद्रतापूर्ण टिप्पणी न करें सिर्फ उतना ही बोलें जितना खुद की लिए सुन सकते हैं।। बहन बेटियों के धन्यवाद जय माता दी - ShareChat