ShareChat
click to see wallet page
search
#😒दर्द भरी शायरी🌸 #💔दर्द कविताएं
😒दर्द भरी शायरी🌸 - सफ़र ज़िंदगी का कुछ यूँ ही कट गया, कुछ ख्वाहिशें रास्तों में ही अधूरी रह गईं। कुछ वक़्त जिम्मेदारियों में बँट गया, और कुछ सपने दिल में ही सिमट कर रह गए। सोचा था कभी जी लेंगे लिए బకT 3/4# M . I पर कभी वक़्त न मिला, और कभी अरमान ही मन में दबकर रह गए। ज़िंदगी की यही सच्चाई है कभी हम सपनों के पीछे भागते हैं, और कभी जिम्मेदारियाँ हमें अपने साथ ले जाती हैं सफ़र ज़िंदगी का कुछ यूँ ही कट गया, कुछ ख्वाहिशें रास्तों में ही अधूरी रह गईं। कुछ वक़्त जिम्मेदारियों में बँट गया, और कुछ सपने दिल में ही सिमट कर रह गए। सोचा था कभी जी लेंगे लिए బకT 3/4# M . I पर कभी वक़्त न मिला, और कभी अरमान ही मन में दबकर रह गए। ज़िंदगी की यही सच्चाई है कभी हम सपनों के पीछे भागते हैं, और कभी जिम्मेदारियाँ हमें अपने साथ ले जाती हैं - ShareChat