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#🖋शेरो-शायरी
🖋शेरो-शायरी - मुकम्मल ना सही अधूरा 87<44}, ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं है। मुकम्मल ना सही अधूरा 87<44}, ये इश्क़ है कोई मक़सद तो नहीं है। - ShareChat