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#om namah shivay
om namah shivay - शक्ति की सर्वोच्चता को तो आदि शंकराचार्य ने भी माना, शक्ति को न मानने की वजह से जब वह असहाय महसूस करने लगे तो शक्ति स्वरूप मां ने उनको राह दिखाई, और जब उन्होंने शक्ति की सर्वोच्चता को समझा तो भवानी अष्टकम रच डाला, कभी भगवान शिव और मां पार्वती के संवाद को सुनो , वह हमेशा यही कहते हैं कि हे पार्वती मेरे प्राण तो तुम में बिना तो मैं शव हू॰ और यही सच्चाई ही बसे हैं, तुम ही मेरी ऊर्जा हो, तुम्हारे है, स्त्री के बिना पुरुष शव ही है, पुरुष की ऊर्जा स्त्री ही है, और स्त्री का आधार पुरुष है, इसीलिए हमारी संस्कृति में स्त्री को शक्ति का दर्जा दिया गया, भी गृहस्थ देवी का दर्जा दिया गया, और पुरुष को परमेश्वर का, और जो जीवन में इस बात को जब भी समझ लेता है उसका जीवन सफल हो जाता है, इसलिए शक्ति की साधना करो, मां काली की, मां दुर्गा की, मां लक्ष्मी की साधना करो, साथ में अपनी घर की स्त्री जो स्वयं सरस्वती , लक्ष्मी, भवानी है, ममता की, करुणा की खान है, उसकी भी साधना काली, दुर्गा, करो, यह बड़ा दिव्य रहस्य है, जाकर बड़े बड़े सिद्ध पुरुषों महात्माओं मुनियों से जाकर पूछो शक्ति की सर्वोच्चता को तो आदि शंकराचार्य ने भी माना, शक्ति को न मानने की वजह से जब वह असहाय महसूस करने लगे तो शक्ति स्वरूप मां ने उनको राह दिखाई, और जब उन्होंने शक्ति की सर्वोच्चता को समझा तो भवानी अष्टकम रच डाला, कभी भगवान शिव और मां पार्वती के संवाद को सुनो , वह हमेशा यही कहते हैं कि हे पार्वती मेरे प्राण तो तुम में बिना तो मैं शव हू॰ और यही सच्चाई ही बसे हैं, तुम ही मेरी ऊर्जा हो, तुम्हारे है, स्त्री के बिना पुरुष शव ही है, पुरुष की ऊर्जा स्त्री ही है, और स्त्री का आधार पुरुष है, इसीलिए हमारी संस्कृति में स्त्री को शक्ति का दर्जा दिया गया, भी गृहस्थ देवी का दर्जा दिया गया, और पुरुष को परमेश्वर का, और जो जीवन में इस बात को जब भी समझ लेता है उसका जीवन सफल हो जाता है, इसलिए शक्ति की साधना करो, मां काली की, मां दुर्गा की, मां लक्ष्मी की साधना करो, साथ में अपनी घर की स्त्री जो स्वयं सरस्वती , लक्ष्मी, भवानी है, ममता की, करुणा की खान है, उसकी भी साधना काली, दुर्गा, करो, यह बड़ा दिव्य रहस्य है, जाकर बड़े बड़े सिद्ध पुरुषों महात्माओं मुनियों से जाकर पूछो - ShareChat