!!मुझे आजमाया है!!
किसकी शिकायत करूँ मैं दुनिया से
दुनिया वालों ने मुझे आजमाया है
मैं तो भटका हुआ मुसाफिर हूँ
चल दूँगा पल दो पल में दुनिया से
मुझे जिंदगी की इस भटकन ने बड़ा सताया है
मेरा दर्द कोई और नही ये मेरा खुद का साया है!
लेखक:-मनोज चौहान, 🌹✍️... #🌷..chauhan..💐🌺


