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20 मार्च 1927—समानता, स्वाभिमान और मानवाधिकारों की ऐतिहासिक पुकार! बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में हुआ महाड़ सत्याग्रह केवल पानी पीने का आंदोलन नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय और छुआछूत के विरुद्ध एक ऐतिहासिक क्रांति था। चवदार तालाब पर मिला अधिकार, मानव गरिमा और बराबरी की जीत का प्रतीक बना। इस ऐतिहासिक संघर्ष दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं। ✊ #MahadSatyagraha #SocialJustice #आंबेडकर वादी युवा
आंबेडकर वादी युवा - ச5 కడస్డో २० मार्च १९२७ चवदार तालाव (१९२७) वावासाहेव का नेतृत्व हजारों साल की प्यास "हम शी इंसान है॰ हमें और अपमान का अंत भी अयिकार चाहिए"  = VISHuDmmm प्रतिक्रिया सवर्ण तालाव को "शद्ध करने के लिए गोवर गोमूत्र डाला गया आत्मसम्मान आंदोलन हजारों दलितों ने एक মাথ পানী পিমা ச5 కడస్డో २० मार्च १९२७ चवदार तालाव (१९२७) वावासाहेव का नेतृत्व हजारों साल की प्यास "हम शी इंसान है॰ हमें और अपमान का अंत भी अयिकार चाहिए"  = VISHuDmmm प्रतिक्रिया सवर्ण तालाव को "शद्ध करने के लिए गोवर गोमूत्र डाला गया आत्मसम्मान आंदोलन हजारों दलितों ने एक মাথ পানী পিমা - ShareChat