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नौकरी लगने के बाद खुल कर जी लूंगा ये ख़ुद को समझाता रहा ज़िम्मेदारियां आती गई और शौक जाता रहा 🌻 ⸻———————————————— कई बार हम सोचते हैं कि एक बार नौकरी लग जाए, सब कुछ आसान हो जाएगा… खुलकर जिएंगे, अपने शौक पूरे करेंगे, दुनिया देखेंगे। लेकिन जैसे ही नौकरी मिलती है, ज़िंदगी हमें एक नई दौड़ में धकेल देती है। ज़िम्मेदारियाँ बढ़ती जाती हैं, और हम अपने ही सपनों को “फिर कभी” कहकर टालते जाते हैं। धीरे-धीरे वो “फिर कभी” कभी आता ही नहीं… और हम खुद को ही भूल जाते हैं। 🌻 लेकिन क्या वाकई ज़िंदगी बस इतना ही है? नहीं… ज़िंदगी का असली मतलब है जिम्मेदारियों के बीच खुद को जिंदा रखना। हर दिन थोड़ी सी जगह अपने लिए भी बनानी होगी — अपने शौक़ों के लिए, अपनी मुस्कान के लिए। 🎯 काम के साथ-साथ खुद से भी वादा करो… कि हर दिन थोड़ा सा वक़्त खुद को दोगे। क्योंकि तुम भी उतने ही ज़रूरी हो, जितनी तुम्हारी ज़िम्मेदारियाँ। क्या आप आज से खुद के लिए 15 मिनट निकालना शुरू करेंगे? 🔥 बिल्कुल! 🤔 सोच रहा हूं… ⸻—————————————————- अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगे तो डबल टैप करके ❤️ रियेक्ट जरूर करें और पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें #✍️ જીવન કોટ્સ #👌 જીવનની શીખ #👫 મારા મિત્ર માટે #👌 બેસ્ટ ફ્રેન્ડ #👨‍👩‍👧‍👦 પરિવાર પ્રેમ