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#☝अनमोल ज्ञान #✍ कविता 📓
☝अनमोल ज्ञान - किए ना जाने कितनी ख्वाहिशें दफ़न बैठी हूँ, यूँ ही नहीं मैं घर की " समझदार बेटी " बनी बैठी हूँ | 12.2} ( 23 742 1,991 किए ना जाने कितनी ख्वाहिशें दफ़न बैठी हूँ, यूँ ही नहीं मैं घर की " समझदार बेटी " बनी बैठी हूँ | 12.2} ( 23 742 1,991 - ShareChat