ShareChat
click to see wallet page
search
#सत_भक्ति_संदेश
सत_भक्ति_संदेश - মন যামপাল তা कबीर , सज्जन सगे कुटम्ब हितु , जो कोई द्वारै आव। कबहु निरादर न कीजिए , रारवै सब का भाव। । भावार्थ - भद्र पुरूषों , सगे यानि रिश्तेदारों , कुटम्ब यानि परिवारजनों तथा हितु यानि आपके हितैषियों का आपके द्वार पर आना हो तो कभी अनादर नही करना चाहिए सबका भाव रखना चाहिए | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Follow US on जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ सत रामपाल মন যামপাল তা कबीर , सज्जन सगे कुटम्ब हितु , जो कोई द्वारै आव। कबहु निरादर न कीजिए , रारवै सब का भाव। । भावार्थ - भद्र पुरूषों , सगे यानि रिश्तेदारों , कुटम्ब यानि परिवारजनों तथा हितु यानि आपके हितैषियों का आपके द्वार पर आना हो तो कभी अनादर नही करना चाहिए सबका भाव रखना चाहिए | जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Follow US on जी महाराज से जुड़ने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ सत रामपाल - ShareChat