क्या युवा पीढ़ी सही राह पर है?
: 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के उन तमाम युवाओं को समर्पित एक खास दिन है, जो भारत देश के लिए एक स्वस्थ और बेहतर भविष्य को आकार देने की क्षमता रखते हैं। इसी दिन विश्व प्रसिद्ध व्यक्तित्व स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था। उनकी जयंती को भारत सरकार द्वारा 1984 में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। इस प्रकार वर्ष 1985 से नेशनल यूथ डे मनाने का सिलसिला शुरू हुआ।
43वें राष्ट्रीय युवा दिवस "उठो, जागो और अपनी शक्ति को पहचानो" है। स्वामी विवेकानंद (बचपन का नाम नरेंद्र) का जन्म सन 1863 में कोलकाता शहर के कुलीन परिवार में हुआ था। नरेंद्र बचपन से ही अदम्य साहस और विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। सन 1893 में अमेरिका के शिकागो में हुए सम्मेलन में उन्होंने भारतवर्ष और सनातन धर्म का नाम ऊंचा किया। जिन्होंने युवाओं को अपने कर्मयोग के आदर्शों से प्रेरित किया इनकी जयंती के दिन राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है।
भारत में लगभग 60% युवा हैं। युवाओं में ऊर्जा सबसे अधिक होती है, केवल उस ऊर्जा को सही जगह लगाने की आवश्यकता #राष्ट्रीय युवा दिवस #🙋♂️राष्ट्रीय युवा दिवस 🙏 #युवा दिवस मात्र होती है। यदि वह तत्वज्ञान से परिचित हो जाये तो वह अपने परिवार, समाज, देश और अन्य पीढयों की दिशा और दशा दोनों ही बदल सकता है। देश को नशामुक्ति, दहेजमुक्ति, सतभक्ति और सनातन धर्म की ओर ले चलें। वर्तमान में युवाओं को तत्वज्ञान की सख्त आवश्यकता है।


