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अकेलेपन से बढ़कर आनन्द नहीं, आराम नहीं। स्वर्ग है वह एकान्त जहाँ शोर नहीं, धूमधाम नहीं। – रामधारी सिंह 'दिनकर' #✍️ साहित्य एवं शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️ #📓 हिंदी साहित्य
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