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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - "उस दिन भंडारे का उल्लास चारों ओर था। हर तरफ 'राधे कृष्ण' की गूँज थी। चूरमे का प्रसाद तैयार हुआ, और जहाँ ಞ' मंडप के खंभों के गड्ढे खोदे गए थे, मैंने एक गुप्त संकल्प fag लिया। मैंने उस पवित्र प्रसाद के अंश और चारों कोनों के गड्ढों में थोड़ा ्थोड़ा डाल दिया। उन वह केवल चूरमा नहीं था, वह मेरी बरसों की मेहनत का अर्पण था और मेरे उस सपने की पहली ईंट थी जिसे मैं अपनी आँखों में सजाए बैठी हूँ। मैंने मन ही मन मंदिर की उस पावन धरा से वादा किया कि आज भले ही मैं यहाँ एक सेवक के रूप में खडी हूँ, पर एक दिन भोलेनाथ की कृपा से मैं यहाँ मंदिर के भव्य वह पल मेरे और मेरे ईश्वर के बीच नवनिर्माण का निमित्त बनूँगी। का एक गुप्त समझौता था, जिसकी गवाह वह मिट्टी और मेरा fdgT' 81' "उस दिन भंडारे का उल्लास चारों ओर था। हर तरफ 'राधे कृष्ण' की गूँज थी। चूरमे का प्रसाद तैयार हुआ, और जहाँ ಞ' मंडप के खंभों के गड्ढे खोदे गए थे, मैंने एक गुप्त संकल्प fag लिया। मैंने उस पवित्र प्रसाद के अंश और चारों कोनों के गड्ढों में थोड़ा ्थोड़ा डाल दिया। उन वह केवल चूरमा नहीं था, वह मेरी बरसों की मेहनत का अर्पण था और मेरे उस सपने की पहली ईंट थी जिसे मैं अपनी आँखों में सजाए बैठी हूँ। मैंने मन ही मन मंदिर की उस पावन धरा से वादा किया कि आज भले ही मैं यहाँ एक सेवक के रूप में खडी हूँ, पर एक दिन भोलेनाथ की कृपा से मैं यहाँ मंदिर के भव्य वह पल मेरे और मेरे ईश्वर के बीच नवनिर्माण का निमित्त बनूँगी। का एक गुप्त समझौता था, जिसकी गवाह वह मिट्टी और मेरा fdgT' 81' - ShareChat