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#📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📚कविता-कहानी संग्रह #🥰Express Emotion
📒 मेरी डायरी - ना जाने कहाँ खो गईं वो रातें লঠ ভ্ৎ जब घर की छत पर आराम से करते थे चांद की खूबसूरती का दीदार गिनते थे सितारे और हवा के मीठे झोंके आंखों में जैसे नींद का सुरमा लाते थे और फिर सुबह धूप की हल्की सी गुदगुदाहट जंगाती थी नींद से और हम रजाई में दुबक कर सूरज की शरारत से बचने की करते थे कोशिश। गगन वीर गुर्जर 'सारंग' Your uote.in ना जाने कहाँ खो गईं वो रातें লঠ ভ্ৎ जब घर की छत पर आराम से करते थे चांद की खूबसूरती का दीदार गिनते थे सितारे और हवा के मीठे झोंके आंखों में जैसे नींद का सुरमा लाते थे और फिर सुबह धूप की हल्की सी गुदगुदाहट जंगाती थी नींद से और हम रजाई में दुबक कर सूरज की शरारत से बचने की करते थे कोशिश। गगन वीर गुर्जर 'सारंग' Your uote.in - ShareChat