ShareChat
click to see wallet page
search
हिन्दी साहित्य, मोटीवेशनल पोस्ट, #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - एक समय के बाद यात्रा रास्तों से ज़्यादा एहसासों में होने लगती है, हम चलते कम हैं पर बदलते ज़्यादा हैं। #... और आख़िर  हम कहीं नहीं पहुँचते , बस ख़ुद को समझने लगते हैं। एक समय के बाद यात्रा रास्तों से ज़्यादा एहसासों में होने लगती है, हम चलते कम हैं पर बदलते ज़्यादा हैं। #... और आख़िर  हम कहीं नहीं पहुँचते , बस ख़ुद को समझने लगते हैं। - ShareChat