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#🙏🏻गुरबानी
🙏🏻गुरबानी - जय श्री राम गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे ।। 0)ಿ पापिहुँ के घर होइ । असन बसन सुत नारि सुख, संत समागम रामधन, `तुलसी ' दुर्लभ दोइ II भोजन , वस्त्र, पुत्र और स्त्री॰सुख तो पापी के घर में भी हो सकते हैं; पर सज्जनों का समागम धन की प्राप्ति ये दोनों बड़े दुर्लभ हैं।  भगवान और राम रूपी भाव यह है कि जिसके बड़े भाग्य होते हैं उसे ही भगवद्भक्ति की संगति प्राप्त होती है। तथा सज्जन দ্রুষমী : Cood mornina जय श्री राम गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे ।। 0)ಿ पापिहुँ के घर होइ । असन बसन सुत नारि सुख, संत समागम रामधन, `तुलसी ' दुर्लभ दोइ II भोजन , वस्त्र, पुत्र और स्त्री॰सुख तो पापी के घर में भी हो सकते हैं; पर सज्जनों का समागम धन की प्राप्ति ये दोनों बड़े दुर्लभ हैं।  भगवान और राम रूपी भाव यह है कि जिसके बड़े भाग्य होते हैं उसे ही भगवद्भक्ति की संगति प्राप्त होती है। तथा सज्जन দ্রুষমী : Cood mornina - ShareChat