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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य
📝कविता / शायरी/ चारोळी - हर रोज़ निकल आते हैं नए पत्ते. ( ख्वाहिशों के दरख्तों में क्यूँ पतझड़ नहीं होते. [ಘ (ನ हर रोज़ निकल आते हैं नए पत्ते. ( ख्वाहिशों के दरख्तों में क्यूँ पतझड़ नहीं होते. [ಘ (ನ - ShareChat