ShareChat
click to see wallet page
search
#points to ponder #Quran and We #islam guide us in every field of life #सोचने वाली बात #📕 કુરાન
points to ponder - कुरान इस बात पर जार दता ह।क जा लोग सच्चे दिल से खुदा की ओर लौटते लिए हैं, उनके रहमत (दया) के दरवाजे रहते हैं। *अतन्तौबाह কমথাা खुले अन-नसूरा* (सच्ची तौबा) के संबंध में यहाँ कुछ प्रमुख आयतें दी गई हैंः ### 1. इखलास (सच्चाई) की पुकार यह आयत शुद्धिकरण और सफलता के साधन के रूप में "सच्ची" या "निष्ठावान" तौबा की अवधारणा का स्पष्ट रूप से उल्लेख करती है। **"ऐ ईमान वालों! अल्लाह के सामने सच्ची तौबा करो। उम्मीद बुराइयाँ है कि तुम्हारा रब तुम्हारी दूर कर देगा और तुम्हें J ऐसे बागों (जन्नत) में दाखिल करेगा जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी॰ m** सूरह अत-्तहरीम [66:8] विyुढ ऊ२७ुं, स्वर्गथी @sl ualal Gಗಶ ಅ, 1[M J1i 845 8೮1 पएथशI० ५ने छे" 2ہt s4 कुरान इस बात पर जार दता ह।क जा लोग सच्चे दिल से खुदा की ओर लौटते लिए हैं, उनके रहमत (दया) के दरवाजे रहते हैं। *अतन्तौबाह কমথাা खुले अन-नसूरा* (सच्ची तौबा) के संबंध में यहाँ कुछ प्रमुख आयतें दी गई हैंः ### 1. इखलास (सच्चाई) की पुकार यह आयत शुद्धिकरण और सफलता के साधन के रूप में "सच्ची" या "निष्ठावान" तौबा की अवधारणा का स्पष्ट रूप से उल्लेख करती है। **"ऐ ईमान वालों! अल्लाह के सामने सच्ची तौबा करो। उम्मीद बुराइयाँ है कि तुम्हारा रब तुम्हारी दूर कर देगा और तुम्हें J ऐसे बागों (जन्नत) में दाखिल करेगा जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी॰ m** सूरह अत-्तहरीम [66:8] विyुढ ऊ२७ुं, स्वर्गथी @sl ualal Gಗಶ ಅ, 1[M J1i 845 8೮1 पएथशI० ५ने छे" 2ہt s4 - ShareChat