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एकलव्य सच में महान था... #sumitgaurav
sumitgaurav - जिसे सीखना होता है वह मूर्ति से भी सीख जाता हैंा बिना गुरु द्रोणाचार्य के भी वो एकलव्य बन जाता हैं। योद्धा  स्वयं जानता हैं 46 श्रेष्ठ धनुर्धर है अर्जुन से भी, फिर भी अपना अंगूठा काट कर गुरु दक्षिणा दे जाता हैं। सुमित मानधना ' गौरव जिसे सीखना होता है वह मूर्ति से भी सीख जाता हैंा बिना गुरु द्रोणाचार्य के भी वो एकलव्य बन जाता हैं। योद्धा  स्वयं जानता हैं 46 श्रेष्ठ धनुर्धर है अर्जुन से भी, फिर भी अपना अंगूठा काट कर गुरु दक्षिणा दे जाता हैं। सुमित मानधना ' गौरव - ShareChat