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#📖 कविता और कोट्स✒️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य #🥰Express Emotion
📖 कविता और कोट्स✒️ - कैसी महफ़िल है, तेरे शहर में , हर कोई डूबा हुआ है, ज़हर में, एक बच्ची भी यहाँ, महफूज़ नहीं, वहशी, उन दरिंदों के कहर में, खेल बस चलता सियासत का यहाँ, हैं सिर्फ हम ही, हर लहर में , डूबते जिस्म क्या, इस रूह तक में ज़ख्म हैं, भेड़िये ही भेड़िये हैं, हर नज़र में, और सियासी चाल की अपनी ग़ज़ल, शफ़क़ अपनी ही সুনান बहर में। q कैसी महफ़िल है, तेरे शहर में , हर कोई डूबा हुआ है, ज़हर में, एक बच्ची भी यहाँ, महफूज़ नहीं, वहशी, उन दरिंदों के कहर में, खेल बस चलता सियासत का यहाँ, हैं सिर्फ हम ही, हर लहर में , डूबते जिस्म क्या, इस रूह तक में ज़ख्म हैं, भेड़िये ही भेड़िये हैं, हर नज़र में, और सियासी चाल की अपनी ग़ज़ल, शफ़क़ अपनी ही সুনান बहर में। q - ShareChat