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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - हमारी अफ़वाह के धुएं वहीं से उठते हैं | नाम से आग लग जहां हमारे எரி8,1 हमारी अफ़वाह के धुएं वहीं से उठते हैं | नाम से आग लग जहां हमारे எரி8,1 - ShareChat