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#PUF QUADRI @ShareChat Hindi @ഷെയർചാറ്റ് മലയാളം @ShareChat Gujarati @Sharechat Creator Adda @ShareChat Rajasthani
PUF QUADRI - 786/92 फ़ज़ाइलो नवाफ़िल शबे बरात मुबारक रात लेकर आज पैग़ामे नजात आई नवैदे उम्मते सुल्ताने बतहा शबे बरात आई थबे बसत की फ़ज़ीलत शबे बरात में बाँट दिया जाता है हर इबादत की जान है। e 31 हिकमत वाला काम हमारे हुक्म से। ( कुरआन ) बल्कि ख़ुद एक इबादत है इसलिये इस रात हदीस छहुज़ूर नबिये करीम अलैहिस्सलातो वत्तसलीम ने फ़रमाया  में ख़ूब  दुआएँ करनी चाहिये | ख़ुसूसन किजब शाबान की पन्द्रहवीं रातहोतोउस रातको क़याम करो औरदिनको दुआए निस्फ़ शअबान पढ़नी चाहिये रोजा रखो , क्योंकि इस रात में अल्लाह तआला की तजल्ली आफ़ताब के {షపరఘుడపఓ ग़ुरूब होने के वक़्त से ही आसमाने दुनिया पर ज़ाहिर होती हैं, और अल्लाह कोई बख़्शिश माँगने वाला है कि उसे बख़्श दूँ तआला फ़रमाता है কমা क्या कोई रिज़्क़ माँगने वाला है कि उसे अता करूँ , क्या कोई मुसीबत ज़दा  ಲ Istಮrಠ ುj೬ಭist sಋr ' है कि उसे मुसीबत से नजात दूँ कोई फ़लाँ फ़लाँ हाजत वाला है मैं क्या డU UBullit AEyl; उसकी हाजत पूरी करदूँ यहाँ तक कि सुबह हो जाती है।  पन्द्रहवीं तारीख़ पाओ शबे बसतकीझबादात  जब शाबान की  و + قیریجتشتُملاراّجو + نیِجاللا رهظ تْنَآ तो रात में इबादत करो और दिन में रोज़ा रखो , इसमें शबे बेदारी के साथ ज़िक्रे ख़ुदा व रसूल , इबादतो रियाज़त , नमाज़ो तिलावत , सदक़ा व ख़ैरात '{ತ೫್ಪದುವ5ು ರಟ್ಕE ತದ] तौबह व इस्तिग़फ़ार , सलातो सलाम और ज़्यारते क़ुबूर व ईसाले सवाब करना इन सब पर अमल करें और दोनों जहाँ की बरकतों और नेअमतों से فآ اًدُو ُظَمؤا اًموُرخق ؤا اّیقش بتكلا تأ मालामाल हों। َكاِلْضَفِي َمهلا حفاَق ِقُرنِتلا یف یلعاَرَتقُم बाद नमाज़े मग़रिब छः रकअत शबे बसतके नवफिल 8 नफ़्ल पढ़े | हर दो रकअत पर सलाम फेरने के बाद यासीन शरीफ़ एक बार பத்து்ட்தட்டரு்ல सूरए यासीन दराज़िये उम्र के और कुलहुवल्लाह २ 1 बार पढ़े । पहली मर्तबा लिये , दूसरी मर्तबा वुसअते रिज़्क़ के लिये और तीसरी मर्तबा बलाये दफ़अ ஒ3டடடபபபபi होने केलिये पढ़ें। 418'82161352126691521 | (२ ) बाद नमाज़े इशा बारह रकअत नफ़्ल अदा करे चार रकअत पर सलाम फेरे और हर रकअत में सूरए फ़ातिहा के बाद क़ुल हुवल्लाह १० ದದುlಃಜಾದಭತಿಲ್ಲಲತತಶ್ತಭ; मर्तबा पढ़े , नमाज़ से फ़ारिग़ होकर तीसरा और चोथा कलिमा १० बारऔर दुरूद शरीफ़ १०० मर्तबा पढ़ें।  ತಬಉಂ_ವ-1 -೯೬ಯಟ್ಲ (३ ) तक़र्रुब की निय्यत से ( अल्लाह का कुर्ब हासिल करने की नियत  নটিস্থনুল  مهُا نابعشِرنش نِم فضللاةلیل يف رمِظغالا से ) ग़ुस्ल करें फिर दो रकअत नमाज़  वुज़ू पढ़े | हर रकअत  मेंसूरए फ़ातिहा के बाद आयतुल एक बार और क़ुल हुवल्लाह तीन தரி ೨5೫೦ಏಹ೦ಂಯ್ಟುನಿಗ बारपढ़े फिर उसके बाद 8 रकअत नमाज़ नफ़्ल दो सलाम से पढ़़ें । जिसकी हर रकअत में सूरए फ़ातिहा के बाद इन्ना अन्ज़ल्नाहु एक बार, और क़ुल امکمنالاتَو ملحنامءآولبلاو ءآلبلا نماتَع हुवल्लाहशरीफ़ २५ बारपढ़े। wತತ; ಲ೧ಃಖತತು t1ಒe7; (४ ) दो दो रकअत करके सौ रकअत नफ़्ल पढ़े । इसकी बड़ी फ़ज़ीलत  है ( सूरए फ़ातिहा के बादजो सूरत याद हो पढ़ें ) اڈَّملَسَو هبْفَمَو دلا لعو اپتخْلاناب ஒடமு பூவ்  हदीस में आया है किजो शख़्स इस रात में सौ रकअत नफ़्ल अदा करेगा तो अल्लाह तआला सौ फ़रिश्ते उसके लिये ಂತಟಲರw್ರ ಲ;   फरमा देगा | उनमें से मुक़र्रर " तीस फ़रिश्ते उसको जन्नत की ख़ुश ख़बरी रहेंगे , तीस फ़रिश्ते सुनाते  अल्लाह तआला हम सबको जहन्नम से बे ख़ौफ़ी की बशारत देते रहेंगे , तीस फ़रिश्ते बला व आफ़त को दफ़ा करते रहेंगे ओर दस फ़रिश्ते उस शख़्स को शैतान के फ़ितनों से इस शब के फ़्यूज़ो बरकात से महफ़ूज़ रखेंगे।  आमीन मलमल फरमाए महनामा पैग़ामे रसूत , इ्चार ९००३२१७९१ रज़वी कम्प्यूटर इन्दौर gp१११९ | बरकाती कुतुबख़ाना इत ९८g१०८३१२० | बरकाती बुक डिपो इन्दै 8039953338 786/92 फ़ज़ाइलो नवाफ़िल शबे बरात मुबारक रात लेकर आज पैग़ामे नजात आई नवैदे उम्मते सुल्ताने बतहा शबे बरात आई थबे बसत की फ़ज़ीलत शबे बरात में बाँट दिया जाता है हर इबादत की जान है। e 31 हिकमत वाला काम हमारे हुक्म से। ( कुरआन ) बल्कि ख़ुद एक इबादत है इसलिये इस रात हदीस छहुज़ूर नबिये करीम अलैहिस्सलातो वत्तसलीम ने फ़रमाया  में ख़ूब  दुआएँ करनी चाहिये | ख़ुसूसन किजब शाबान की पन्द्रहवीं रातहोतोउस रातको क़याम करो औरदिनको दुआए निस्फ़ शअबान पढ़नी चाहिये रोजा रखो , क्योंकि इस रात में अल्लाह तआला की तजल्ली आफ़ताब के {షపరఘుడపఓ ग़ुरूब होने के वक़्त से ही आसमाने दुनिया पर ज़ाहिर होती हैं, और अल्लाह कोई बख़्शिश माँगने वाला है कि उसे बख़्श दूँ तआला फ़रमाता है কমা क्या कोई रिज़्क़ माँगने वाला है कि उसे अता करूँ , क्या कोई मुसीबत ज़दा  ಲ Istಮrಠ ುj೬ಭist sಋr ' है कि उसे मुसीबत से नजात दूँ कोई फ़लाँ फ़लाँ हाजत वाला है मैं क्या డU UBullit AEyl; 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