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#दर्द भरी शायरी
दर्द भरी शायरी - 711 Karamchand's Recap बै दर्द ज़माने में रहम की उम्मीद मत रखनाा बड़ी बेवफा हैं मौहब्बत की गलियी हुस्न कै बाज़ार में प्यार की नींव यन खखना..०० Karamchand | Karama083 711 Karamchand's Recap बै दर्द ज़माने में रहम की उम्मीद मत रखनाा बड़ी बेवफा हैं मौहब्बत की गलियी हुस्न कै बाज़ार में प्यार की नींव यन खखना..०० Karamchand | Karama083 - ShareChat